गायघाट विधायिका, कोमल सिंह को वादा याद दिलाते ग्रामीण, बेनीबाद, टूटा हुआ पुल का दर्द, किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नही जा रहा, हजारों लोग हों रहे प्रभावित l

बेनीबाद, टूटा हुआ पुल का दर्द, किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नही जा रहा, हजारों लोग हों रहे प्रभावित l
बेनीबाद की राजनीति हो या विकास की बात, शुरुआत हमेशा एहि पुल से होइ छै। चुनाव के समय नेता जी सब कहै छै — “चाचा, हम अहाँ के बेटी छी, जीत के जाइब तऽ ई पुल सबसे पहिले बनवा देब।”
लेकिन चुनाव जीतने के बाद पुल बनवाना तो दूर, बेनीबाद गांव की सुधि लेने वाले भी कम ही दिखाई देते हैं। वर्षों से यह पुल टूटा हुआ पड़ा है, जिसके कारण बेनीबाद बाजार दो भागों में बंट गया है। आम जनता, व्यापारी और राहगीरों को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक कोमल सिंह से स्थानीय लोगों नें उनका वादा याद दिलाते हुए आग्रह किया कि बेनीबाद पुरानी सड़क स्थित इस महत्वपूर्ण पुल की ओर अपना ध्यान आकृष्ट करें। इस पुल के टूटने से बेनीबाद बाजार दो भागों में बंट गया है, जिससे आम लोगों, व्यापारियों और राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यदि इस पुल का निर्माण हो जाता है तो बेनीबाद बाजार के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को NH-27 के अतिरिक्त आवागमन का एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा।
जब इसी सड़क पर सियारी पुल, पिरौछा पुल और गायघाट पुल का निर्माण हो सकता है, तो फिर बेनीबाद क्यों पीछे रहे? क्या यहां के लोगों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है?
माननीय विधायक जी से पुनः आग्रह है कि जनहित के इस महत्वपूर्ण विषय पर पहल करते हुए जल्द से जल्द पुल निर्माण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं।
जनहित के इस मुद्दे के समाधान के लिए आवश्यकता पड़ी तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन का रास्ता भी अपनाया जाएगा l

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