बंदरा, मनरेगा एकाउंटेंट (लिपिक) रंजन अपने रिश्तेदारों के खाते में कमीशन का पैसा मंगवाकर..
बंदरा, मनरेगा एकाउंटेंट (लिपिक) रंजन अपने रिश्तेदारों के खाते में कमीशन का पैसा मंगवाकर, बंदरा से करोड़ों की उगाही किया l शिकायत के बाद भी कार्यवाई नहीं.... PO का पत्रांक 564 /26 इसका प्रमाण पत्र है....
बेनीबाद के मिश्रौली में बाढ़ से कटाव रोकने के लिए पंचायत समिति ने अधिकारी से किया मांग l
बेनीबाद के मिश्रौली में बाढ़ से कटाव रोकने के लिए पंचायत समिति ने अधिकारी से किया मांग l
दीपक कुमार/ गायघाट
बेनीबाद के मिश्रौली (मुजफ्फरपुर, बिहार) में बागमती नदी से होने वाले भीषण कटाव और बाढ़ को रोकने के लिए, स्थानीय पंचायत समिति विभा देवी और उनके पति महेश्वर कुमार राय और डीएम, एसडीओ और गायघाट सीओ समेत जल संसाधन विभाग के अधिकारियों व जिला प्रशासन से स्थायी बांध निर्माण (Anti-flood/Anti-erosion work) की मांग की है।मिश्रौली समेत आसपास के इलाके (जैसे केवटसा और जमालपुर कोदई) में बाढ़ का पानी अक्सर खतरे के निशान से ऊपर बहता है。 इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पंचायत समिति की ओर से निम्नलिखित प्रमुख मांगे उठाई गई हैं:तत्काल सुरक्षा कार्य: बाढ़ के दौरान हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए नदी के संवेदनशील किनारों पर तुरंत बालू-मिट्टी की बोरियां (Geo-bags) और बोल्डर लगाने की मांग।स्थायी बांध निर्माण: नदी के जलप्रवाह से गांव और सुरक्षा तटबंध को सुरक्षित करने के लिए पक्के कटाव-रोधी कार्य (anti-erosion work) शुरू करने का आग्रह किया।
बिहार, मुजफ्फरपुर जिला के गायघाट इलाके से बिजली विभाग की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने विभागीय दावों की पोल खोल कर रख दिया है।
बिहार, मुजफ्फरपुर जिला के गायघाट इलाके से बिजली विभाग की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसने विभागीय दावों की पोल खोल कर रख दिया है। कागजों पर विकास हो गया, जमीन पर ट्रांसफार्मर भी उतर गया, लेकिन ग्रामीण आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं l
यह नजारा है गायघाट का, जहां बिजली विभाग की 'अनोखी' कार्यशैली देखने को मिल रही है। ग्रामीणों की लंबी मांग के बाद इलाके में ट्रांसफार्मर तो लगा दिया गया, लेकिन साहब... तार जोड़ना अधिकारी भूल गए। महीनों से यह शो-पीस बना ट्रांसफार्मर सिर्फ धूल फांक रहा है।" जो बिजली आती है उसमें वोल्टेज नहीं रहता है इस वजह से ट्रांसफार्मर लगाया गया
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरी लापरवाही के पीछे स्थानीय कनीय अभियंता (JE) की घोर उदासीनता है। चक्कर काट-काटकर ग्रामीण थक चुके हैं, लेकिन जेई साहब के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। अधिकारी की इस बेरुखी से पूरा गांव त्रस्त है और भीषण गर्मी में लोग ढिबरी और मोमबत्ती युग में जीने को मजबूर हैं।"
सालों से हम लोग बिजली के लिए परेशान थे। बड़ी मुश्किल से ट्रांसफार्मर आया, लगा भी दिया गया। लेकिन अब तार नहीं जोड़ रहे हैं। जेई साहब के पास जाते हैं तो सिर्फ आश्वासन मिलता है, काम कुछ नहीं होता।"
बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं, गर्मी से बुरा हाल है। ट्रांसफार्मर बस देखने के लिए खड़ा है। अगर जल्द तार नहीं लगा, तो हम लोग आंदोलन करेंगे।"
अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार हर घर बिजली का दावा करती है, तो ऐसे लापरवाह अधिकारी दावों की हवा क्यों निकाल रहे हैं? क्या वरिष्ठ अधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेंगे या गायघाट के लोग यूं ही अंधेरे में पिसते रहेंगे?
गायघाट विधायिका, कोमल सिंह को वादा याद दिलाते ग्रामीण, बेनीबाद, टूटा हुआ पुल का दर्द, किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नही जा रहा, हजारों लोग हों रहे प्रभावित l
बेनीबाद, टूटा हुआ पुल का दर्द, किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नही जा रहा, हजारों लोग हों रहे प्रभावित l
बेनीबाद की राजनीति हो या विकास की बात, शुरुआत हमेशा एहि पुल से होइ छै। चुनाव के समय नेता जी सब कहै छै — “चाचा, हम अहाँ के बेटी छी, जीत के जाइब तऽ ई पुल सबसे पहिले बनवा देब।”
लेकिन चुनाव जीतने के बाद पुल बनवाना तो दूर, बेनीबाद गांव की सुधि लेने वाले भी कम ही दिखाई देते हैं। वर्षों से यह पुल टूटा हुआ पड़ा है, जिसके कारण बेनीबाद बाजार दो भागों में बंट गया है। आम जनता, व्यापारी और राहगीरों को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक कोमल सिंह से स्थानीय लोगों नें उनका वादा याद दिलाते हुए आग्रह किया कि बेनीबाद पुरानी सड़क स्थित इस महत्वपूर्ण पुल की ओर अपना ध्यान आकृष्ट करें। इस पुल के टूटने से बेनीबाद बाजार दो भागों में बंट गया है, जिससे आम लोगों, व्यापारियों और राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यदि इस पुल का निर्माण हो जाता है तो बेनीबाद बाजार के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को NH-27 के अतिरिक्त आवागमन का एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा।
जब इसी सड़क पर सियारी पुल, पिरौछा पुल और गायघाट पुल का निर्माण हो सकता है, तो फिर बेनीबाद क्यों पीछे रहे? क्या यहां के लोगों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है?
माननीय विधायक जी से पुनः आग्रह है कि जनहित के इस महत्वपूर्ण विषय पर पहल करते हुए जल्द से जल्द पुल निर्माण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं।
जनहित के इस मुद्दे के समाधान के लिए आवश्यकता पड़ी तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन का रास्ता भी अपनाया जाएगा l
बेनीबाद इलाके में झुका हुआ बिजली का पोल दे रहा हादसे को निमंत्रण l
बेनीबाद इलाके में झुका हुआ बिजली का पोल दे रहा हादसे को निमंत्रण l
दीपक कुमार/ गायघाट ।
बेनीबाद थाना क्षेत्र में दो जर्जर बिजली का पोल स्थानीय निवासियों के लिए खतरा बना हुआ है। बरसात के कारण पोल की नींव कमजोर हो गई है और यह कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका है। बिजली विभाग की कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय लोग में नाराजगी है। इधर जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि बेनीबाद (गायघाट, मुजफ्फरपुर)में बिजली पोल झुके हुए हैं,पोल क्षतिग्रस्त हैं और कई जगह बिजली के तार भी जोखिम भरी स्थिति में हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देती दिख रही हैl
इस गंभीर समस्या को लेकर "अपना बेनीबाद टीम" ने अपने स्तर से संबंधित पदाधिकारी एवं गायघाट के JEE को सूचना भी दी। बातचीत के दौरान समस्या से पूरी तरह अवगत कराया गया और जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी मिला।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
क्या आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी की नहीं है?
हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि समय रहते इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और बिजली विभाग से विनम्र आग्रह है कि बरसात के इस मौसम में इन जर्जर और झुके हुए पोलों की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
जनहित में अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि संबंधित अधिकारियों तक यह आवाज पहुंचे।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)