मुजफ्फरपुर, गर्मी की आहट के साथ ही एईएस को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, डीएम के निर्देश पर गांव-गांव जागरूकता अभियान ने पकड़ी रफ्तार l

गर्मी की आहट के साथ ही एईएस को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, डीएम के निर्देश पर गांव-गांव जागरूकता अभियान ने पकड़ी रफ्तार l
 आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचा रहीं जागरूकता l
गर्मी की आहट के साथ ही जिले में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) की रोकथाम और बचाव को लेकर जिलाधिकारी अभी से ही पूरी तरह सक्रिय एवं सतर्क हो गये हैं। इस बाबत जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान से लेकर अस्पतालों के कुशल प्रबंधन एवं इलाज की त्वरित, सुगम एवं सुचारू व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। 

 इसी के तहत जिले के गांवों में आशा कार्यकर्ताओं तथा आंगनबाड़ी सेविका - सहायिका द्वारा घर-घर जाकर लोगों को एईएस से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। आशा कार्यकर्ता अभिभावकों को बच्चों के खान-पान, स्वच्छता, समय पर भोजन कराने तथा तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने के लिए जागरूक कर रही हैं।राज्य स्तर से भी एईएस प्रभावित 18 जिलों में इस बीमारी की रोकथाम और शीघ्र प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को ओआरएस और पेरासिटामोल सिरप उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके।

मुजफ्फरपुर जिले में कुल 5384 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 53,840 ओआरएस पैकेट और 5384 पेरासिटामोल सिरप उपलब्ध कराए जाएंगे। यह दवाएं बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला औषधि भंडार से प्रखंडवार इन दवाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाओं की देखरेख में ओआरएस और पेरासिटामोल सिरप वितरित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई दवाओं के वितरण और खपत का पूरा प्रतिवेदन महिला पर्यवेक्षकों के माध्यम से संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को भेजा जाएगा। वहां से यह रिपोर्ट सिविल सर्जन और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला स्तर पर इन दवाओं की आपूर्ति, वितरण और खपत की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जरूरतमंद लाभार्थियों तक दवाएं समय पर पहुंचें और किसी स्तर पर उनका दुरुपयोग न हो।

 पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अप्रैल के पहले सप्ताह से आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ओआरएस और पेरासिटामोल का वितरण घर-घर किया जाएगा। इसके साथ ही गांवों में जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि एईएस जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।

मुजफ्फरपुर, सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेला सह जागरूकता रैली का आयोजन, 20 मार्च तक चलेगा मिशन परिवार विकास अभियान l

मुजफ्फरपुर, सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेला सह जागरूकता रैली का आयोजन, 20 मार्च तक चलेगा मिशन परिवार विकास अभियान l
जिले में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन मेला सह जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) रेहान अशरफ ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा लाभार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने परिवार नियोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छोटा और संतुलित परिवार स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन अपनाने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है तथा परिवार का आर्थिक और सामाजिक विकास भी बेहतर तरीके से संभव हो पाता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों के बारे में जागरूक करें।
इस अवसर पर एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में योग्य दंपत्तियों से मिलकर उन्हें परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दें। अस्थायी साधनों के रूप में कंडोम, माला-एन और छाया गोली का वितरण क्षेत्र में किया जाएगा। वहीं जरूरतमंद लाभार्थियों को अंतरा (एमपीए) इंजेक्शन, इम्प्लांट और कॉपर-टी जैसे आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जो दंपत्ति स्थायी साधन अपनाना चाहते हैं, उन्हें महिला बंध्याकरण या पुरुष नसबंदी के लिए प्रखंड एवं जिला अस्पताल तक लाने की जिम्मेदारी भी आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है।

विदित हो कि मिशन परिवार विकास अभियान 7 मार्च से 20 मार्च 2026 तक जिले में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाकर योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को लक्षित कार्य भी सौंपे गए हैं। साथ ही प्रत्येक एएनएम को 10 पीपीआईयूसीडी/आईयूसीडी तथा अंतरा (एमपीए) सेवाएं सुनिश्चित करनी होंगी। वहीं प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र में कम से कम 5 महिला बंध्याकरण, 2 पुरुष नसबंदी, 5 अंतरा (एमपीए) तथा 5 पीपीआईयूसीडी/आईयूसीडी सेवाएं सुनिश्चित कराने के लिए प्रेरित किया गया है।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अन्य विभागों और संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। बाल विकास परियोजना, विकास मित्र, नेहरू युवा केंद्र तथा जीविका समूहों को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक परिवार नियोजन की जानकारी पहुंचाई जा सके।

 इस प्रकार के मेलों और जागरूकता अभियानों का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करना, भ्रांतियों को दूर करना तथा स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार नियोजन के सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर अपने परिवार और समाज के बेहतर भविष्य में योगदान दें।

मुजफ्फरपुर के राघव ने रचा इतिहास, UPSC में देशभर में चौथी रैंक, सरैयागंज में जश्न का माहौल l

मुजफ्फरपुर के राघव ने रचा इतिहास, UPSC में देशभर में चौथी रैंक, सरैयागंज में जश्न का माहौल l
दीपक कुमार। मौर्य ध्वज एक्सप्रेस 
बिहार की मेधा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। शहर के सरैयागंज इलाके के निवासी राघव झुनझुनवाला ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक (AIR 4) हासिल की है। परिणाम घोषित होते ही राघव के पैतृक आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया और पूरे जिले में उत्साह का माहौल व्याप्त है।
DPS से SRCC तक: मेधा और मेहनत का सफर
राघव बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा उनकी मेहनत की कहानी कहती है:
स्कूली शिक्षा: उन्होंने मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की।
उच्च शिक्षा: स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और देश के सबसे नामी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से स्नातक की डिग्री हासिल की।
कॉमर्स बैकग्राउंड: कॉमर्स की पृष्ठभूमि होने के बावजूद उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप-4 में जगह बनाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया।
परिवार का संबल और पिता का मार्गदर्शन
राघव की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग रहा है। उनके पिता विदेश में कार्यरत हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा राघव का मार्गदर्शन किया। राघव का परिवार लंबे समय से मुजफ्फरपुर और दिल्ली के बीच अपनी जड़ों से जुड़ा रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि राघव ने बिहार की गौरवशाली प्रशासनिक परंपरा को एक नई ऊँचाई दी है।
सफलता का मंत्र: धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य
अपनी सफलता पर राघव झुनझुनवाला ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यूपीएससी जैसे कठिन लक्ष्य के लिए निरंतरता, अनुशासन और धैर्य सबसे अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा, “यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो छोटे शहरों से निकलकर भी देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है।”

मुजफ्फरपुर | एसएसपी ने जनता दरबार में सुनी फरियाद l

मुजफ्फरपुर | एसएसपी ने जनता दरबार में सुनी फरियाद l
दीपक कुमार। (क्राइम रिपोर्टर)
एसएसपी कानतेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में जनता दरबार लगाकर लोगों की फरियाद सुनी। जिले के सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे दर्जनों फरियादियों ने अपनी समस्याओं से एसएसपी को रू-ब-रू कराया। उन्होंने तत्काल संबंधित थाना प्रभारियों को मामलों में संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का आदेश दिया। कई मामलों का ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया, जबकि कई मामलों को थाना स्तर पर निष्पादन के लिए भेजा गया। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में जो भी मामले आते हैं, उसपर त्वरित कार्रवाई करें। वे हर दिन शिकायतकर्ताओं से मिलकर उनकी शिकायतें सुन रहे हैं। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे मामलों को संजीदगी से सुनें, ताकि लोगों को उनके पास नहीं आना पड़े। उन्होंने कहा है कि जनता को बेवजह परेशान करने वाले थाना प्रभारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

बेनीबाद | धूमधाम से मनाई गई होली जमकर उड़े रंग और गुलाल l

बेनीबाद | धूमधाम से मनाई गई होली जमकर उड़े रंग और गुलाल l
दीपक कुमार। गायघाट
रंग,गुलाल और अबीर से एक- दूसरे को सराबोर करने की होड़ और होली के गीतों की मस्ती के साथ रंगों का त्योहार होली बुधवार को पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिवदहा में पंचायत समिति पति विजय कुमार राय और युवा नेता संतोष यादव ने बताया कि क्या अमीर, क्या गरीब सभी एक ही रंग में नजर रहे थे। हर तरफ होली की धूम थी। बच्चे, बूढ़े,जवान सभी होली की मस्ती में थे। बुधवार को पूरे जिले में होली का त्योहार धूम धाम से मनाया गया। छिटपुट घटनाओं को छोड़ पूरे जिले में होली शांतिपूर्ण रहीं। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जिले में होली की उमंग सोमवार से ही दिखने लगा था। सोमवार की शाम होलिका दहन के बाद से ही लोग होली के रंग में रंगने लगे थे। सुबह होते- होते लोग होली की मस्ती में डूब गए। बच्चों की मस्ती तो शाम से ही दिखने लगी थी। होली है होली है की गूंज हर गली, हर मुहल्ले में गूंजने लगी। बच्चे सुबह होने का इंतजार करने लगे।

यहीं हाल आमजनों का भी रहा। सुबह 10 बजे के बाद हर कोई होलियाना मुड़ में नजर रहा था। होली आई रे कन्हाई, रंग बरसे की धून पर लोगों का जो थिरकना शुरू हुआ वह दोपहर तक जारी रहा। सड़क पर मतवालों की टोली चल रही थी जिनका काम हर आने जाने वालों को रंगों से सराबोर करना था।