राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गायघाट प्रखंड के बाघाखाल मनोकामना पूर्णि धाम गाँधी आश्रम बाघाखाल में समस्त हिन्दू समाज द्वारा हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गायघाट प्रखंड के बाघाखाल मनोकामना पूर्णि धाम गाँधी आश्रम बाघाखाल में समस्त हिन्दू समाज द्वारा हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। 
हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता महान हिन्दुत्वादी सत्संग सेवा समिति के अध्यक्ष शुभनारायण सिंह शुभंकर ने और कार्यक्रम संचालन भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं सनातन सेवा बोर्ड के जिला सह संयोजक राघवेन्द्र कुमार सिंह ने किया। 
कार्यक्रम का विषय प्रवेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुजफ्फरपुर पूर्वी के जिला संघचालक डाo राघवेंद्र कुमार सिंह ने कराया। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह उत्तर बिहार अभय गर्ग ने कहा की हिन्दू समाज में समरसता लाना हम सभी हिन्दुओं का कर्तव्य है समरस समाज हीं ताकतवर और शांति लाने वाला समाज होता है।
उन्होंने हिन्दू समाज के शशक्त करने के लिए पंच परिवर्तन के तहत समरसता,कुटुम्ब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी और पर्यावरण पर विस्तार से प्रकाश डाला। 
कार्यक्रम की शुरुआत भजन गायक शिवजी कुँवर मुकेश कुमार सिंह रामकुमार सिंह जी की भजन मंडली द्वारा भजन गायन से हुआ। 
कार्यक्रम को मुख्यरूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर बिहार प्रांत कार्यवाह अभय गर्ग जिला संघचालक मुजफ्फरपुर पूर्वी डाo राघवेन्द्र कुमार सिंह सत्संग सेवा समिति के अध्यक्ष शुभनारायण सिंह शुभंकर भाजपा मंडल अध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार सिंह जिला प्रचार प्रमुख रौशन सिंह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व जिला प्रमुख अरविंद कुमार अविचल खंड कार्यवाह अभिषेक सुमन धर्म प्रचारक अवधेश प्रसाद सिंह हरिवंश सिंह चौहान भाजपा मंडल महामंत्री जयशंकर कुँवर युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष आदित्य साहिल गोपाल झा चन्द्रिका तिवारी बाघाखाल पैक्स अध्यक्ष भिखारी सिंह रोहित कुमार ठाकुर पांडव ने संबोधित किया।

लापरवाही पर डीएम का सख्त एक्शन: गायघाट में राजस्व कर्मचारी निलंबित, विभागीय कार्रवाई के आदेश ll किसान निबंधन में कोताही पड़ी महंगी: औराई, कटरा व गायघाट के 18 कर्मियों का वेतन बंद ....

लापरवाही पर डीएम का सख्त एक्शन: गायघाट में राजस्व कर्मचारी निलंबित, विभागीय कार्रवाई के आदेश ll
 किसान निबंधन में कोताही पड़ी महंगी: औराई, कटरा व गायघाट के 18 कर्मियों का वेतन बंद  
 लक्ष्य से पीछे रहे कर्मियों से स्पष्टीकरण, टारगेट प्राप्त न करने वाले कर्मी होंगे निलंबित lll
औराई, कटरा, गाय घाट जाकर डीएम ने फार्मर रजिस्ट्री का किया रिव्यू...
जिले में शत-प्रतिशत किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी सुनिश्चित कर उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ दिलाने के प्रति जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन द्वारा प्रतिदिन नियमित समीक्षा बैठक, क्षेत्र भ्रमण तथा हलकावार कार्यों की गहन मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। प्रशासनिक सख्ती और सतत निगरानी के क्रम में जिलाधिकारी ने मंगलवार को कटरा, औराई एवं गायघाट प्रखंडों का भ्रमण कर प्रखंड कार्यालयों में समीक्षा बैठक आयोजित की और हलकावार लक्ष्य के विरुद्ध प्राप्त उपलब्धि की कड़ाई से समीक्षा की।

पीएम निधि का 50%, ओवरआल 70% का मिला टास्क, अन्यथा कार्रवाई तय
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समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किसानों का प्रत्येक हलका में कम से कम 50 प्रतिशत तथा ओवरऑल 70 प्रतिशत निबंधन बुधवार की शाम तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही शनिवार की शाम तक 100 प्रतिशत लाभुकों का निबंधन एवं ई-केवाईसी पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया गया। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही, उदासीनता या लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध निलंबन अथवा नियोजन-मुक्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि 2 फरवरी से 6 फरवरी तक किसानों के निबंधन का महा अभियान पूरे जिले में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान की प्रगति की उच्च स्तर पर सतत समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है, इसलिए सभी संबंधित कर्मियों को पूरी ईमानदारी, जवाबदेही एवं पारदर्शिता के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करनी होगी।

 टारगेट और एक्शन प्लान की डीएम ने बताई रणनीति 
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बैठक में जिलाधिकारी ने केवल टास्क ही नहीं दिया, बल्कि स्पष्ट एक्शन प्लान भी प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रत्येक अंचल में टीम गठन, कर्मियों के बीच कार्यों का स्पष्ट आवंटन, पंचायतवार छूटे हुए किसानों की सूची तैयार करने, उन्हें दूरभाष के माध्यम से सूचित करने तथा वसुधा केंद्र अथवा विशेष शिविरों के माध्यम से उनका निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों के अलावा नए लाभुकों तथा जिन किसानों की अब तक जमाबंदी नहीं हुई है, उनका भी नियमानुसार जमाबंदी कर फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने को कहा।
विदित हो कि इस महा अभियान में राजस्व कर्मचारी, सर्वे अमीन, विकास मित्र, जीविका कर्मी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित विभिन्न विभागों के कर्मी सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। जिलाधिकारी ने सभी कर्मियों को पूरी तत्परता और दायित्वबोध के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।


आज 10171, कुल 179003 का हुआ निबंधन 
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आंकड़ों की बात करें तो मंगलवार को जिले भर में कुल 10,171 किसानों का निबंधन किया गया। इसके साथ ही अब तक कुल 1,79,003 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जिनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित 1,09,077 किसानों का निबंधन किया गया है। मंगलवार को सर्वाधिक निबंधन बोचहा प्रखंड में 1,642, बरूराज में 1,000 तथा सरैया में 967 किसानों का हुआ। वहीं मुरौल, सकरा और साहेबगंज प्रखंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने इन पिछड़ते प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को कैंप कर त्वरित सुधार लाने का निर्देश दिया।

वरीय अधिकारियों को भी मिला दायित्व 
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जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बुधवार को सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंडों में कैंप करेंगे और पूरी प्लानिंग के साथ कर्मियों के बीच दायित्व का निर्धारण कर निबंधन एवं ई-केवाईसी के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करेंगे। इस कार्य की समीक्षा बुधवार की शाम 5 बजे समाहरणालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। पूर्व दिवस की भांति जिलाधिकारी ने आज भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर शाम 5:00 बजे सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों एवं कार्यों के साथ बैठक की तथा मिशन मोड में कार्य करने तथा प्रतिदिन का टारगेट प्राप्त करने का निर्देश दिया। बैठक में खोजे जाने पर मरवन के वरीय पदाधिकारी सह सामान्य शाखा की प्रभारी पदाधिकारी डॉ अर्चना अनुपस्थित पाई गई। फार्मर रजिस्ट्री संबंधी बैठक की गंभीरता तथा अपने दायित्व के प्रति गैर-जवाबदेही को देखते हुए जिलाधिकारी ने उनका आज का वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया।


गायघाट में राजस्व कर्मचारी प्रभात किरण राय निलंबित, 
आरोप गठित कर विभागीय कार्रवाई का आदेश 
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गायघाट अंचल में राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा के क्रम में गंभीर लापरवाही सामने आई। हल्का मोहम्मदपुर सुर में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के 1,572 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,123 मामलों का निष्पादन किया गया, 422 मामलों को अस्वीकृत किया गया। वहीं परिमार्जन प्लस में 566 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 509 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि 57 मामले लंबित पाए गए। इसके अतिरिक्त, फार्मर रजिस्ट्रेशन में संबंधित राजस्व कर्मचारी द्वारा मात्र 10 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि गायघाट अंचल कार्यालय द्वारा राजस्व एवं किसान निबंधन कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है।
इस गंभीर लापरवाही को कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता एवं उदासीनता मानते हुए जिला पदाधिकारी ने गायघाट अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी श्री प्रभात किरण राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय औराई निर्धारित किया गया है। साथ ही अंचल अधिकारी गायघाट को निर्देश दिया गया है कि आरोप पत्र गठित कर भूमि सुधार उप समाहर्ता पूर्वी मुजफ्फरपुर के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं, ताकि उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जा सके।

औराई, कटरा, गाय घाट के कुल 18 कर्मी का वेतन बंद एवं स्पष्टीकरण 
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 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अंतर्गत किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी कार्यों में घोर लापरवाही बरतने के कारण औराई, कटरा एवं गायघाट प्रखंडों के कुल 18 कर्मियों का वेतन बंद करते हुए उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया है। गायघाट प्रखंड में छह कर्मियों—जितेंद्र कुमार मंडल, रोहित कुमार राम, हिमांशु कुमार (राजस्व कर्मचारी), नेहा कुमारी, मो. नईद जमाल एवं विकास कुमार सिंह (सर्वे अमीन)—का वेतन बंद किया गया है।

कटरा प्रखंड में भी समीक्षा के दौरान छह कर्मियों—प्रभात कुमार, चंदन कुमार, अविनाश कुमार, राहुल कुमार, नवल कुमार (राजस्व कर्मचारी) तथा पूजा कुमारी (सर्वे अमीन)—के विरुद्ध वेतन बंद एवं स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। वहीं औराई प्रखंड में पंचायतवार समीक्षा के क्रम में करन कुमार, अक्षय कुमार, रवि रंजन कुमार पटेल, शेख अब्दुल्लाह अंसारी, मास्टर राहुल (राजस्व कर्मचारी) तथा जितेंद्र पासवान (सर्वे अमीन) के विरुद्ध भी वेतन बंद करने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हित से जुड़ा यह अभियान सर्वोच्च प्राथमिकता पर है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और सभी का निबंधन एवं ई-केवाईसी समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण हो।

गायघाट विधायक ने खेल मंत्री से 2 जगह स्टेडियम बनाने की किया मांग ll

गायघाट विधायक ने खेल मंत्री से 2 जगह स्टेडियम बनाने की किया मांग ll
(रिपोर्ट - मौर्य ध्वज एक्सप्रेस, गायघाट, दीपक कुमार )
विधायक कोमल सिंह ने अपनी ही सरकार में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से किया सवाल
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही जारी है। सदन में प्रश्नोत्तरकाल के दौरान गायघाट की जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने अपनी सरकार से सवाल पूछ दिया। जिसका जवाब बिहार सरकार की खेलमंत्री श्रेयसी सिंह ने दिया।दरअसल, मुजफ्फरपुर के गायघाट से जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने स्टेडिम को लेकर सरकार से सवाल पूछा था। विभाग द्वारा दिए गए जवाब से वह संतुष्ट नहीं थी। सदन में प्रश्नोत्तरकाल के दौरान उन्होंने सरकार की मंत्री से पूरक सवाल पूछा और कहा कि वह सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।उन्होंने कहा कि जो उत्तर उन्हें मिला है वह उससे असंतुष्ट हैं। मुझे उत्तर दिया गया था कि जारंग पंचायत में और रतवारा पंचायत में स्टेडियम निर्मति है वहां पर लेकिन मेरा सवाल है कि जिस स्टेडियम की बात की जा रही है वह स्कूल का फिल्ड है, जहां खेल की कोई व्यवस्था नहीं है। कोमल सिंह ने कहा कि किसी तरह की बुनियादी सुविधा भी वहां उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि वहां उच्चस्तरीय जांच कराकर वहां स्टेडियम निर्माण कराया जाए। जिसके बाद मंत्री श्रेयसी सिंह ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उक्त स्थान पर फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण किया गया था।उन्होंने कहा कि जीओ टैगिंग के साथ वहां की फोटो भी उपलब्ध है, अगर विधायक चाहें तो उन्हें वहां का दौरा कराया जा सकता है ताकि उनके सुझाव के अनुसार आगे की कार्यवाई की जा सके।

CO का सामूहिक हड़ताल जारी, आदेश वापस नहीं लेने तक {बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा)}

CO का सामूहिक हड़ताल जारी, आदेश वापस नहीं लेने तक {बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा)}
बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा) के पदाधिकारियों द्वारा दिनांक 30.01.2026 को मंत्रिपरिषद् की बैठक दिनांक 29.01.2026 में लिए गए निर्णय संख्या 23 एवं 30 के विरुद्ध अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की गई थी। यह निर्णय बिहार राजस्व सेवा नियमावली, 2010 की मूल भावना, सेवा में प्रवेश के समय निर्धारित शर्तों तथा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में लंबित CWJC संख्या 5902/2024 एवं MJC संख्या 2380/2025 की भावना के प्रतिकूल था।
दिनांक 02.02.2026 को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में राजस्व विभाग एवं बिहार राजस्व सेवा संघ के बीच हुई सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वार्ता में संघ को यह आश्वासन दिया गया कि मंत्रिपरिषद् के निर्णय संख्या 23 एवं 30 के आलोक में एक त्रि-स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा तथा बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों के हितों की रक्षा की जाएगी। इस बैठक में मंत्री द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) जैसे अनुभव एवं विशेषज्ञता आधारित पदों पर बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना के सिद्धांत से विभाग सहमत है।
उक्त आश्वासन के क्रम में प्रधान सचिव के निर्देशानुसार राजस्व विभाग द्वारा दिनांक 03.02.2026 को पत्रांक 190 (3A/राजस्व) के माध्यम से एक अधिसूचना जारी की गई, जिसके तहत उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के संदर्भ में सरकार के पक्ष को प्रस्तुत करने हेतु त्रि-सदस्यीय समिति का गठन किया गया तथा नई पदस्थापनाओं पर स्थगन का निर्णय लिया गया। इस अधिसूचना के आलोक में संघ की कार्यकारिणी सामूहिक अवकाश समाप्त करने के निर्णय पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श कर रही थी।
इसी बीच संघ के संज्ञान में यह तथ्य लाया गया कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पत्रांक 2223, दिनांक 30.01.2026 के माध्यम से, वित्त विभाग के द्वारा महालेखाकार, बिहार को यह सूचित किया गया है कि भूमि सुधार उप समाहर्ता के 101 नए पद बिहार प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत सृजित किए गए हैं तथा इन पदों पर बीपीएससी के माध्यम से चयनित नए अभ्यर्थियों की पदस्थापना की जानी है। यह पत्र दिनांक 02.02.2026 को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री एवं संघ के बीच हुई सकारात्मक वार्ता की भावना के पूर्णतः विपरीत है।
संघ का यह स्पष्ट मत है कि उक्त पत्र न केवल उपमुख्यमंत्री की घोषित भावना के अनुरूप नहीं है, बल्कि प्रधान सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर सकारात्मक प्रयासों एवं संघ के साथ स्थापित बेहतर संवाद प्रक्रिया पर भी एक आघात के समान है। वर्तमान परिस्थितियों में संघ यह समझने को विवश है कि यह विषय अब राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में सीमित नहीं रह गया है। राजस्व विभाग अपने अधिकारियों के हितों के संरक्षण में दृढ़ता से खड़ा है, जिसका प्रमाण विभागीय अधिसूचनाओं से स्पष्ट है, परंतु सामान्य प्रशासन विभाग राजस्व विभाग के मंत्री एवं प्रधान सचिव की भावनाओं तथा संवेदनाओं का समुचित ध्यान रखने में असफल रहा है। इससे संघ के सभी सदस्य अत्यंत आहत हैं।
बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा) के सभी सदस्यों के साथ हुए व्यापक विचार-विमर्श में यह सर्वसम्मति से पाया गया कि बिहार राजस्व सेवा नियमावली में सेवा के दौरान किया गया यह ऋणात्मक परिवर्तन संघ के सदस्यों के विधिक एवं नैसर्गिक अधिकारों के प्रतिकूल है और किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
अतः संघ यह स्पष्ट करता है कि पूर्व में चल रही सभी वार्ताओं एवं प्रयासों को विराम देते हुए अब इस विषय पर नए सिरे से प्रशासन के सर्वोच्च स्तर पर विचार की आवश्यकता है। तब तक, बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा) अपने सभी जिला कार्यकारणी एवं प्रदेश कार्यकारणी की सर्वसम्मति से अपने अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश को जारी रखने का निर्णय लेता है।
बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा)

बिहार, सभी विद्यालयों में अभिभवक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया l

पटना, सुबे के सभी विद्यालयों में अभिभवक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया। इस बार का आयोजन का मुख्य थीम थाः-‘‘ हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास‘‘ इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैः- बच्चों के समग्र विकास हेतु अभिभावक सहभगिता को प्रोत्साहित करना साथ ही साथ बच्चों की अकादमिक प्रगति को व्यवस्थित रूप से अभिभावकों के साथ साझा करना एवं मोबाईल एवं सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग कर बच्चों को वास्तविक जीवन की गतिविधियों से जोड़ने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करना है। आकड़ों की बात करें तो इस बार कुल 66799 विद्यालयों में 65 प्रतिशत विद्यालयों में सफलतापूर्वक पी0टी0एम0 का आयोजन किया गया । पिछले माह जहाँ पटना से 31 प्रतिशत विद्यालयों में पी0टी0एम0 संबंधी आँकड़ों प्राप्त हुए वहीं जनवरी में बढ़कर यह 67 प्रतिशत हुआ, मधेपुरा दिसंबर 2025 में 26 प्रतिशत लाया वहीं जनवरी 2026 में यह बढ़कर 97.1 प्रतिशत, सहरसा में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठि 27 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत पहुँचा, प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ग 1 से 5 के अभिभावकों की सहभागिता संगोष्ठि में अधिक पाई जाती है वनिस्पत की वर्ग 6-8 के सबसे अधिक अभिभावक पटना, सीवान और जमुई के विद्यालयों में भाग लिए। जनवरी 2026 में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठि पी0टी0एम0 के दौरान राज्य के विद्यालयों में विशेष उत्साह और सहभागिता देखने को मिली। माननीय शिक्षा मंत्री, बिहार सरकार की अनुशंसा एवं मार्गदर्शन में प्रारंभ किए गए ‘अभिभावक ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार ने विद्यालयों और समुदाय के बीच एक सकारात्मक सेतु का कार्य किया। इस पहल के अंतर्गत प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों द्वारा ऐसे जागरूक अभिभवकों को सम्मानित किया गया, जो अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजते हैं तथा घर पर अध्ययन के लिए उन्हें निरंतर सहयोग प्रदान करते हैं।
इसी क्रम में, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठियों के माध्यम से बच्चों में नियमित विद्यालय उपस्थिति, गृहकार्य की निरंतरता, शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ स्वच्छता एवं अनुशासित आदतों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘स्टुडेंट ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रयास से छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता हुआ स्पष्ट रूप से देखा गया।
वर्तमान समय में छात्रों में मोबाईल फोन एवं सोशल मीडिया की बढ़ती लत को लेकर माननीय शिक्षा मंत्री की संवेदनशील चिंता भी इस पी0टी0एम0 का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही। मंत्री जी के निर्देशानुसार जनवरी 2026 की अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में शिक्षकों द्वारा बच्चों एवं अभिभावकों के साथ सोशल मीडिया के संभावित लाभों एवं गंभीर दुष्प्रभावों पर सार्थक संवाद किया गया। इस चर्चा के माध्यम से बच्चों को संतुलित, विविकपूर्ण और सीमित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया, साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर सकारात्मक मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया गया।माननीय शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में की गई ये पहलें यह स्पष्ट करती हैं कि बिहार सरकार न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मूल्यबोध और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के प्रति भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा सोशल मीडिया एवं मोबाईल के अत्यधिक उपयोग से संबंधित नाटक, रोल प्ले, कहानी आदि का मंचन किया गया। निदेशक, प्राथमिक शिक्षा श्री विक्रम विरकर ने बताया कि मई 2025 से लगातार प्रत्येक काह के आखिरी शनिवार को बिहार के प्रारम्भिक विद्यालयों में वार्षिक पी0टी0एम0 कैलेंडर के अनुसार अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक संगोष्ठि का एक विशेष थीम निर्धारित है, इसी थीम को केंद्र में रखकर संगोष्ठि आयोजित की जाती है। यह पहल निश्चित रूप से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।