बेनीबाद थाने में होली के मध्येनजर शांति समिति की बैठक lपर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता l

बेनीबाद थाने में होली के मध्येनजर शांति समिति की बैठक l
पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता l
दीपक कुमार। गायघाट ( क्राइम रिपोर्टर)
होली पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर बेनीबाद थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। मौके पर थाना प्रभारी साकेत सार्दुल ने कहा कि होली आपसी, भाईचारे और प्रेम का पर्व है। सभी लोग एक-दूसरे के धर्म और आस्था का सम्मान करते हुए शांति एवं सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं। उन्होंने अफवाहों से बचने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की। थाना प्रभारी ने कहा कि होली के दौरान शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों, जबरन रंग लगाने वालों एवं तेज रफ्तार में बाइक चलाकर स्टंट करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। मौके पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि भी थे।

बेनीबाद बागमती तटबंध निर्माण का मुद्दा अब विधानसभा में उठा,विधायक कोमल सिंह ने उठाई 122 गाँवों के पुनर्वास की माँग l

बेनीबाद बागमती तटबंध निर्माण का मुद्दा अब विधानसभा में उठा,विधायक कोमल सिंह ने उठाई 122 गाँवों के पुनर्वास की माँग l
दीपक कुमार। गायघाट 
मुजफ्फरपुर।गायघाट: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गायघाट की विधायक कोमल सिंह ने बागमती बांध प्रबंधन योजना के कारण प्रभावित हो रहे हजारों परिवारों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। कोमल सिंह ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान उन ग्रामीणों की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया जो इस परियोजना के कारण विस्थापन और अनिश्चितता के मुहाने पर खड़े हैं।

बाधों के बीच घिरे 122 गांव
विधायक ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि बागमती तटबंध निर्माण योजना के अंतर्गत कुल 122 गांव और विशेष रूप से गायघाट प्रखंड के 32 गांव बांध के घेरे में आ रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बिना उचित प्रबंधन और पुनर्वास के इन गांवों का अस्तित्व खतरे में है।

विधायक की मुख्य मांगें:

कोमल सिंह ने सरकार के समक्ष स्पष्ट रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं:

रिव्यू कमेटी का गठन: परियोजना की वर्तमान स्थिति और ग्रामीणों पर होने वाले असर के आकलन के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा समिति बनाई जाए।

जन-संवाद: बांध निर्माण से पहले प्रभावित ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जाए ताकि उनकी शंकाओं और समस्याओं का समाधान हो सके।

सराहनीय पुनर्वास: बांध का काम आगे बढ़ाने से पहले प्रभावित गांवों के लोगों के लिए जमीन, आवास और रोजगार को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास की मुकम्मल व्यवस्था की जाए।

ग्रामीणों के भविष्य पर जोर

विधायक ने कहा कि विकास की योजनाएं जनहित के लिए होती हैं, न कि जनता को उजाड़ने के लिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जब तक विस्थापित होने वाले परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की नीति स्पष्ट नहीं होती, तब तक निर्माण कार्य पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए।

बेनीबाद बागमती बांध परियोजना आमरण अनशन समाप्त llअब सरकार करेगी समीक्षा, 11 दिन बाद अनशन खत्म कराया l

बेनीबाद बागमती बांध परियोजना आमरण अनशन समाप्त ll
अब सरकार करेगी समीक्षा, 11 दिन बाद अनशन खत्म कराया l
दीपक कुमार।गायघाट।
डीसीएलआर सह एसडीएम (पूर्वी) कृष्ण कुमार, पूर्व विधायक निरंजन राय ने दिया आश्वासन 
मुजफ्फरपुर: पिछले 11 दिनों से बागमती बांध निर्माण के विरोध में चल रहा गतिरोध आखिरकार प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है। 'चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने एसडीओ (पूर्वी) के इस भरोसे पर अपना आंदोलन स्थगित किया कि जब तक सरकार की नई समीक्षा रिपोर्ट नहीं आती, बांध का निर्माण कार्य बंद रहेगा।
​आंदोलन को निर्णायक मोड़ तब मिला जब इस मुद्दे की गूंज बिहार विधानसभा में सुनाई दी।
​विधायक कोमल सिंह ने सदन में बागमती बांध निर्माण को लेकर एक उच्चस्तरीय 'रिव्यू कमेटी' बनाने की पुरजोर मांग की।
​भाकपा माले नेता व काराकाट विधायक अरुण कुमार सिंह ने भी सदन के पटल पर इस मुद्दे को उठाते हुए परियोजना की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े किए।
​विधायकों की इस सक्रियता के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और आला अधिकारियों की टीम अनशन स्थल पर पहुंची।
​वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह परियोजना 1960 के दशक की सोच पर आधारित है। वर्तमान भौगोलिक और पर्यावरणीय स्थितियों में यह अवैज्ञानिक है, क्योंकि यह जल निकासी के प्राकृतिक मार्ग को बाधित करती है। अव्यावहारिक है, जिससे हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि और बस्तियों के डूबने का खतरा है। साथ ही पर्यावरण के प्रतिकूल है।
​डीसीएलआर सह एसडीएम (पूर्वी) कृष्ण कुमार, बीडीओ डॉ. संजय कुमार राय और अंचलाधिकारी शिवांगी पाठक ने मोर्चा के सदस्यों को आश्वस्त किया कि रिव्यू कमेटी को पुनर्जीवित करने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को ठोस प्रस्ताव भेजा जाएगा। जब तक सरकार की ओर से नए दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होते, तब तक निर्माण कार्य स्थगित रखा जाएगा।
​इस आश्वासन के बाद 11 दिनों से अनशन बैठे रामलोचन सिंह, सीताराम राय, राजकुमार मंडल और राधा रानी को अधिकारियों और नेताओं ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संघर्ष मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक निरंजन राय, भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल कुमार, ठाकुर देवेंद्र सिंह, नवल सिंह, रंजीत सिंह, सुनील राय और बैजनाथ मिश्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जफर ने की तथा मंच संचालन राहुल राय द्वारा किया गया।

मुजफ्फरपुर में बच्चा चोरी की अफवाहें lएसएसपी ने दी चेतावनी:कहा- कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई l

मुजफ्फरपुर में बच्चा चोरी की अफवाहें l
एसएसपी ने दी चेतावनी:कहा- कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई l
दीपक कुमार। (क्राइम रिपोर्टर)
मुजफ्फरपुर में बच्चा चोरी की अफवाहों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में बच्चा चोरी का कोई मामला सामने नहीं आया है, और ये खबरें केवल अफवाहें हैं। एसएसपी ने कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

पिछले कुछ दिनों से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बच्चा चोरी की भ्रामक खबरों के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन अफवाहों के चलते हिंसक घटनाएं और संदिग्धों के साथ मारपीट के मामले लगातार सामने आ रहे थे। एसएसपी मिश्रा ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि जिले में बच्चा चोर गिरोह की सक्रियता का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है।

सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा

एसएसपी मिश्रा ने जनता को आश्वस्त किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर फैल रही खबरें निराधार हैं। उन्होंने बताया कि जिले में बच्चा चोरी का कोई संगठित गिरोह सक्रिय नहीं है। लोग बिना तथ्यों की जांच किए भ्रामक सूचनाओं के जाल में फंस रहे हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है।

बागमती तटबंध निर्माण के खिलाफ 9 वे दिन जारी, बेनीबाद में हजारों लोगों ने की बागमती आरती l

बागमती तटबंध निर्माण के खिलाफ 9 वे दिन जारी, बेनीबाद में हजारों लोगों ने की बागमती आरती l
दीपक कुमार। मौर्य ध्वज एक्सप्रेस, गायघाट 
बागमती नदी पर प्रस्तावित तटबंध निर्माण के विरोध में 'चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा' का सामूहिक आमरण अनशन आज नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन की तीव्रता और प्रशासन की अनदेखी के बीच अनशनकारियों की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
बागमती आरती से सरकार को सद्बुद्धि की प्रार्थना l
आंदोलन के नौवें दिन बेनीबाद घाट पर एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में महिला आंदोलनकारियों और स्थानीय निवासियों ने हाथ में दीये लेकर 'बागमती आरती' की। आंदोलनकारियों ने बागमती मैया के साथ-साथ अल्लाह और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सरकार और जिला प्रशासन को "सद्बुद्धि" दें, ताकि वे विनाशकारी तटबंध निर्माण को रोककर जनता की पुकार सुनें।
अनशनकारियों की स्थिति चिंताजनक
मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव ने बताया कि कई अनशनकारियों की हालत अत्यंत नाजुक हो गई है। चिकित्सकों की टीम द्वारा निगरानी की जा रही है, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।