मुजफ्फरपुर, अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा बिहार दिवस, तीन दिनों तक चलेगा उत्सव l

अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा बिहार दिवस, तीन दिनों तक चलेगा उत्सव l
बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं विरासत पर आधारित गीत संगीत का होगा भव्य आयोजन l
प्रभात फेरी से लेकर प्रतियोगिताओं और स्टॉल प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्र तक के विविध कार्यक्रमों की व्यवस्था l
जिले में बिहार दिवस 2026 का आयोजन विगत वर्ष की भांति अत्यंत धूमधाम, उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” थीम पर आधारित यह तीन दिवसीय समारोह 22 मार्च से शुरू होकर 24 मार्च तक चलेगा। जिला प्रशासन द्वारा इसकी व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि इस आयोजन को यादगार बनाया जा सके और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आमजन तक पहुंचाया जा सके।
समारोह का आगाज 22 मार्च को सुबह 7:00 बजे भव्य प्रभात फेरी के साथ होगा। यह प्रभात फेरी शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम से प्रारंभ होकर इमलीचट्टी, सदर अस्पताल, एसपी कार्यालय होते हुए भारत माता नमन स्थल तक पहुंचेगी। प्रभात फेरी में स्कूली बच्चे, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा आम नागरिक बड़ी संख्या में भाग लेंगे। इस आयोजन के माध्यम से बिहार की गौरवशाली एवं समृद्धशाली परंपरा एवं विरासत को जन जन तक प्रचारित प्रसारित किया जाएगा।
बिहार दिवस को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले के सभी विद्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों में प्रभात फेरी, बिहार गौरव गान तथा बिहार प्रार्थना गीत का आयोजन किया गया है। 
मुख्य समारोह का उद्घाटन 22 मार्च को शाम 5:00 बजे शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में किया जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित कुल 26 स्टॉल प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्र लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों में जीविका, आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग (किलकारी), आपूर्ति विभाग, कृषि विभाग, पंचायत राज, उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग तथा कला एवं संस्कृति विभाग सहित अन्य विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अवसर पर आम नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें हाइपरटेंशन, शुगर सहित अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा जीविका और आईसीडीएस के संयुक्त प्रयास से व्यंजन मेला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बिहार के पारंपरिक, स्वादिष्ट और लजीज व्यंजनों की झलक देखने को मिलेगी। यह मेला लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
उद्घाटन समारोह के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में बिहार की लोक संस्कृति, परंपरा और विरासत पर आधारित गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। स्कूली बच्चे और स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिससे कार्यक्रम में रंगारंग माहौल बनेगा।
प्रखंड स्तर पर विभिन्न विद्यालयों से चयनित प्रतिभागियों के बीच 23 मार्च को जिला स्तर पर गणित ओलंपियाड, क्विज प्रतियोगिता एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बिहार की गौरवशाली परंपरा, समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से इन कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करेंगे।समारोह के अंतिम दिन 24 मार्च को प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर विजेताओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाएगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से न केवल बिहार की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करना है, बल्कि विकास योजनाओं की जानकारी भी आम जनता तक पहुंचाना है। बिहार दिवस 2026 का यह आयोजन मुजफ्फरपुर में उत्सव, जागरूकता और सहभागिता का एक अद्भुत संगम साबित होगा।

गायघाट में अदा हुई ईद की नमाज:रोजा खोल अल्लाह का किया शुक्रिया l

गायघाट में अदा हुई ईद की नमाज:रोजा खोल अल्लाह का किया शुक्रिया l
दीपक कुमार | गायघाट
ईद उल-फितर, जिसे आमतौर पर ईद कहा जाता है, इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान के अंत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। 'ईद' का अर्थ 'खुशियां' है, जबकि 'उल-फितर' का अर्थ 'रोजा खोलना' होता है।
इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। वे अल्लाह का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने उन्हें पूरे रमजान महीने के रोजे रखने की शक्ति प्रदान की। गायघाट थाना प्रभारी राकेश कुमार और बेनीबाद थाना प्रभारी साकेत सार्दुल के देख रेख में लोगों ने अदा किया नमाज।
यह त्योहार मुख्य रूप से रोजे पूरे करने की खुशी में मनाया जाता है। रोजा रखने के बाद मिलने वाली संतुष्टि और खुशी ही ईद के उत्सव का आधार है।

गायघाट कांड में केंद्रीय मंत्री सह सांसद पीड़ित के घर पहुंच कर सांत्वना दिया l

गायघाट कांड में केंद्रीय मंत्री सह सांसद पीड़ित के घर पहुंच कर सांत्वना दी l
पुलिस की गोली लगने से हुई थी मौत 
दीपक कुमार। गायघाट 
मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के गायघाट चोरनियां गांव में मृतक जगतवीर राय के परिजनों से केंद्रीय मंत्री सह सांसद डॉ राजभूषन चौधरी निषाद ने मिलकर सांत्वना दिया। पुलिस प्रशासन से बात कर न्यायोचित कार्यवाही का आदेश दिया। 
एनडीए सरकार में कानून व्यवस्था से ऊपर कोई भी नहीं चाहे अपराधी कोई भी हो, दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित है।

गायघाट में आंधी और बारिश से गेहूं की तैयार फसल बर्बाद, जांच कर मुआवजे की मांग l

गायघाट में आंधी और बारिश से गेहूं की तैयार फसल बर्बाद, जांच कर मुआवजे की मांग l
दीपक कुमार। गायघाट।
मुजफ्फरपुर में शुक्रवार शाम आंधी और बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में तैयार गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। गायघाट, कटरा और अन्य क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान हुआ। शिवदहा के किसान युवा समाजसेवी संतोष यादव, पंचायत समिति पति विजय कुमार राय, पूर्व पंचायत समिति रमन कुमार उपाध्याय समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि कर्ज लेकर खेती की थी, अब फसल बर्बाद होने से चिंता बढ़ गई है।
पंचायत समिति पति विजय कुमार राय ने बताया कि बारिश से गेंहू की तैयार फसल को नुकसान हुआ है साथ ही लीची और आम के मंजर को भी क्षति पहुंचा है।गायघाट के शिवदहा, बेरुआ, जारंग पूर्वी, जारंग पश्चिमी, लोमा, कमरथू व बोआरीडीह आदि पंचायतों में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद हो गई। अब कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है। बता दे कि बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।

गायघाट में पुलिस की गोली, जनता का दर्द: गायघाट की घटना और सवालों के घेरे में व्यवस्था l

गायघाट में पुलिस की गोली, जनता का दर्द: गायघाट की घटना और सवालों के घेरे में व्यवस्था l
दीपक कुमार। (क्राइम रिपोर्टर)
मुज़फ़्फ़रपुर जिला के गायघाट थाना अंतर्गत चोरानियाँ गाँव में पुलिस गोलीकांड में 60 वर्षीय जगतवीर राय की मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि व्यवस्था और संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
घटना के बाद पूर्णिया के सांसद ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पप्पू यादव का यह कदम उनके उस जुझारू स्वभाव को दर्शाता है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं। बार-बार राजनीतिक और कानूनी दबावों का सामना करने के बावजूद, वे पीड़ितों के बीच पहुंचते हैं—चाहे मामला पुलिसिया कार्रवाई का हो या सामाजिक अन्याय का। यह हिम्मत आज के राजनीतिक माहौल में कम ही देखने को मिलती है।
लेकिन ! सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या हमारी पुलिस व्यवस्था इतनी कठोर हो चुकी है कि अपने ही नागरिकों पर गोली चलाना सामान्य बात बनती जा रही है? एक वृद्ध व्यक्ति, जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर था, उसे इस तरह मौत के घाट उतार देना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुःख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। यदि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तो कानून पर जनता का विश्वास धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।
ऐसे समय में जरूरत है कि जनप्रतिनिधि, जैसे पप्पू यादव, इस मुद्दे को सिर्फ गांव या जिला स्तर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे संसद तक ले जाएं। जब तक इस तरह के मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस नहीं होगी, तब तक न्याय की उम्मीद अधूरी ही रहेगी।
अंत में, ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति दें। साथ ही, समाज और व्यवस्था से यह अपेक्षा है कि न्याय केवल शब्दों में नहीं, बल्कि वास्तविकता में भी दिखाई दे।