दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहरों को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में नगर निगम एवं अन्य नगर निकायों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की निकायवार और वर्षवार समीक्षा बैठक की। बैठक में योजनाओं की अद्यतन स्थिति और प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में संचालित योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों में आम लोगों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नगर निकायों को निर्देश दिया कि खराब पड़े चापाकलों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जिन चापाकलों की मरम्मत संभव है उन्हें मिशन मोड में मार्च माह के भीतर ठीक किया जाए। साथ ही जो चापाकल मरम्मत योग्य नहीं हैं, उन्हें हटाने की कार्रवाई भी की जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत घर-घर लगाए गए नलों की भी जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन घरों में लगे नल खराब हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इसी माह ठीक कराया जाए ताकि गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने सर्वेक्षण के दौरान एक विस्तृत सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया। इस सूची में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए कि कितने चापाकल और नल खराब हैं, कितनों की मरम्मत की आवश्यकता है तथा कितने चापाकलों को हटाने की जरूरत है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
उन्होंने नगर आयुक्त को वार्ड पार्षदों के साथ बैठक आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि हर वार्ड और हर घर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध कराई जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पानी के टैंकरों की व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि नगर निगम के पास वर्तमान में 12 पानी के टैंकर उपलब्ध हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर इन टैंकरों का समुचित उपयोग किया जाए, ताकि पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
इसके अलावा शहर के छोटे-बड़े नालों की समय पर उड़ाही सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी नालों की सूची तैयार कर समयबद्ध तरीके से उनकी सफाई कराई जाए और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, नगर आयुक्त श्री ऋतुराज प्रताप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी श्री तुषार कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी तथा सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी उपस्थित थे।