दीपक कुमार।( क्राइम रिपोर्टर)
बिहार में भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर डीजीपी विनय कुमार की सख्त नजर है. थानों में मनमानी और रिश्वतखोरी बढ़ने पर अब सिर्फ सस्पेंशन नहीं, बल्कि दोषी अधिकारियों का डिमोशन किया जाएगा. सभी एसपी को थानों की निगरानी और विभागीय जांच का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे न केवल पुलिस में अनुशासन कड़ा होगा, बल्कि आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगाl अब दोषी कर्मियों को केवल निलंबित नहीं, स्थायी सजा मिलेगी l
पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिलने पर एक्शन
दरअसल, पिछले कुछ समय से थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही है. जनसुनवाई और पुलिस मुख्यालय में आने वाली शिकायतों में रिश्वतखोरी, लापरवाही और अवैध गतिविधियों में संलिप्तता जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं. इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे कर्मियों की पहचान करें और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें l
विभाग में अनुशासन कायम रखना जरूरी
अब तक लापरवाही बरतने पर या शिकायतें मिलने पर पुलिसकर्मियों को सिर्फ निलंबित किया जाता था, बाद में उन्हें राहत मिल जाती थी. कई बार निलंबन अवधि का वेतन भी मिल जाता था,जिससे कार्रवाई का प्रभाव कम हो जाता था. इसी को देखते हुए अब डिमोशन जैसे कड़े कदम उठाने की तैयारी की गई है, ताकि दोषियों को स्थायी सजा मिल सके और विभाग में अनुशासन कायम हो.
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
पुलिस मैनुअल में पहले से ही डिमोशन का प्रावधान मौजूद है, जिसके तहत इंस्पेक्टर को दारोगा या दारोगा को जमादार बनाया जा सकता है. डीजीपी का मानना है कि इस सख्ती से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि आम जनता का भरोसा भी पुलिस पर मजबूत होगा.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें