मुजफ्फरपुर, धान अधिप्राप्ति में 99.96% व भुगतान में 100% सफलता, CMR आपूर्ति में तेजी लाने का सख्त निर्देश l

धान अधिप्राप्ति में 99.96% व भुगतान में 100% सफलता, CMR आपूर्ति में तेजी लाने का सख्त निर्देश l
एमडीएम और राशन वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं—मुजफ्फरपुर डीएम के कड़े निर्देश l
जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में सोमवार को धान अधिप्राप्ति जिला टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई, जिसमें धान, गेहूं, दलहन अधिप्राप्ति के साथ-साथ मध्याह्न भोजन योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि खाद्यान्न से जुड़ी सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाय।
समीक्षा में पाया गया कि जिले में धान अधिप्राप्ति का प्रदर्शन संतोषजनक रहा । निर्धारित 89,547 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 309 समितियों के माध्यम से 13,670 किसानों से 89,514.38 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जो कुल लक्ष्य का 99.96 प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि सभी 13,670 किसानों को भुगतान भी किया जा चुका है, जो 100 प्रतिशत भुगतान को दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने धान अधिप्राप्ति के समतुल्य सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मुरौल, बोचहां, गायघाट, कटरा और साहेबगंज के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को आपूर्ति में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला सहकारिता पदाधिकारी को लापरवाही बरतने वाले पैक्स एवं व्यापार मंडलों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निर्देशित किया गया कि अधिप्राप्त धान के अनुरूप सीएमआर का समय पर उठाव सुनिश्चित करते हुए समितियों से शीघ्र प्राप्ति की जाये, ताकि भंडारण और वितरण में संतुलन बना रहे।
बैठक में गेहूं अधिप्राप्ति की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रही। बताया गया कि संशोधित 6,303 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 33 समितियों द्वारा 129 किसानों से 594 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। डीएम ने पंचायत स्तर पर लघु एवं सीमांत किसानों से प्राथमिकता के आधार पर गेहूं अधिप्राप्ति बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही अधिप्राप्त गेहूं को शीघ्र राज्य खाद्य निगम में जमा कराने को कहा गया।
मसूर और मक्का अधिप्राप्ति को लेकर भी विभागीय निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने, समितियों का चयन, क्रय केंद्रों का निर्धारण तथा किसान निबंधन में तेजी लाने के निर्देश दिये गये।
बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिले के किसी भी विद्यालय में एमडीएम बंद नहीं होना चाहिए। डीएम ने चेतावनी दी कि समय पर उठाव और वितरण नहीं होने से बच्चों के पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे किरासन तेल, खाद्यान्न अधिप्राप्ति, उठाव और वितरण की नियमित निगरानी करें। उन्होंने अप्रैल माह के खाद्यान्न वितरण का फोकस करने तथा शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने मई माह के उठाव में तेजी लाने तथा चावल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ।
अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को निर्देश दिया गया कि सभी एजीएम प्रखंड मुख्यालय में उपस्थित रहें।इसकी नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने डीएसओ को सीएमआर गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा डीसीओ एवं डीएम, एसएफसी के साथ समन्वय बनाकर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीएम ने अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया को नेचुरल जस्टिस के सिद्धांत के तहत पूरा करने का निर्देश दिया, इस संबंध में विशेष ध्यान देकर यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन कार्ड से वंचित न रहे। आरटीपीएस एक्ट के तहत राशन वितरण पारदर्शी और समयबद्ध हो, इस पर विशेष जोर दिया गया।
किरासन तेल वितरण में लगे ठेला वेंडरों के सत्यापन को शीघ्र पूरा करने, वितरण से संबंधित शिकायतों को समाप्त करने को कहा । साथ ही डीएसओ को एजीएम एवं बीएसओ के साथ नियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए गए। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर डीलरों और उपभोक्ताओं से समन्वय स्थापित कर समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि मई के प्रथम सप्ताह में प्रखंडवार समीक्षा कर कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राशन कार्ड निर्गमन में खराब प्रदर्शन करने वाले तीन एमओ का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में डीएम ने कहा कि खाद्यान्न से जुड़ी सभी योजनाएं आम जनता और विशेषकर गरीब एवं बच्चों के हित से जुड़ी हैं, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें