31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं कराने पर रुकेगी पेंशन l

31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं कराने पर रुकेगी पेंशन l
कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से मुफ्त हो रहा प्रमाणीकरण, आधार मैपिंग भी जरूरी l
 प्रशासन ने तेज किया अभियान l
सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए जीवन प्रमाणीकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के सभी पेंशनधारियों को 31 मार्च 2026 तक अपना जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च के बाद केवल उन्हीं पेंशनधारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा, जिनका जीवन प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
 विदित हो कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मृत पेंशनधारियों को चिह्नित करते हुए उनका विवरण ई-लाभार्थी पोर्टल के डेटाबेस में अपडेट करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 से ही जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्य कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

ज्ञातव्य हो कि जिले में कुल 5 लाख 73 हजार 675 पेंशनधारी हैं। इनमें से अब तक 3 लाख 83 हजार 941 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया जा चुका है, जबकि करीब 1 लाख 89 हजार 657 लाभार्थी अब भी शेष हैं। इसके अलावा 12 हजार 946 पेंशनधारियों का आधार मैपिंग भी नहीं हो पाया है, जो पेंशन वितरण में एक बड़ी बाधा बन सकता है।

 जीवन प्रमाणीकरण अभियान को प्राथमिकता दी गई है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके और पेंशनधारियों के भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री अभिषेक कुमार ने सभी पेंशनधारियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण करा लें। इसके लिए पेंशनधारी को अपना आधार कार्ड/ बैंक खाता विवरण या लाभार्थी संख्या साथ लेकर जाना होगा। CSC केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
साथ ही जिन लाभार्थियों का आधार मैपिंग नहीं हुआ है, वे अपने संबंधित प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला स्तर पर सामाजिक सुरक्षा कोषांग के माध्यम से भी आधार सीडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

इस प्रकार यह अभियान पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित करें।
ऐसे में पेंशनधारियों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना जीवन प्रमाणीकरण पूरा कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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