प्रमंडलीय आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में प्रमंडल स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण- सह- कार्यशाला का आयोजन आयुक्त कार्यालय सभागार में किया गया। इस कार्यशाला में तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों के जिला परिषद अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी तथा अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रमंडलीय आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ है और इसके सुदृढ़ संचालन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का अपने अधिकार, कर्तव्य एवं दायित्वों से भली-भांति परिचित होना आवश्यक है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत त्रि-स्तरीय पंचायती व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि सभी स्तरों के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से अपने-अपने कार्यों का निर्वहन कर सकें तथा सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्धता, पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान पंचायती राज अधिनियम से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें जिला परिषद की बैठक की प्रक्रिया, कार्य एवं शक्तियां, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के कार्य, दायित्व एवं त्यागपत्र की प्रक्रिया, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के कृत्य, पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रमुख एवं उप प्रमुख की शक्ति, कार्य, दायित्व तथा त्यागपत्र की प्रक्रिया, पंचायत समिति के कार्य एवं शक्तियां, पंचायत समिति की स्थायी समितियां, तथा ग्राम सभा की बैठक एवं उसकी भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर से लेकर जिला परिषद स्तर तक सभी इकाइयों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करना चाहिए ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
कार्यशाला के उपरांत प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रमंडल के सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में तिरहुत शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए त्रुटिरहित एवं पारदर्शी मतदाता सूची के निर्माण की प्रगति की जिलावार समीक्षा की गई। आयुक्त ने सभी पात्र एवं योग्य मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने हेतु की गई कार्रवाई की जानकारी ली तथा प्राप्त दावा एवं आपत्तियों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मामलों का निष्पादन नियमानुसार, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (आरटीए) के अंतर्गत बस (स्टेज कैरेज) परमिट से संबंधित बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में कुल 27 मामलों की सुनवाई करते हुए उनका समाधान किया गया। आयुक्त ने निर्देश दिया कि अगली बैठक से पूर्व पिछले तीन वर्षों में प्रमंडल अंतर्गत निर्गत सभी परमिटों के संबंध में संबंधित रूट पर चलने वाले वाहनों का सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी से कराया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी रूट पर आवश्यकता के अनुरूप वाहनों की कमी हो, तो उस रूट की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी वाहन मालिकों को परमिट की आवश्यक शर्तों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इनमें वाहन की सही भौतिक स्थिति, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मेडिकल किट, तथा विकलांगजनों एवं महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से शामिल है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों एवं संचालकों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, सुगम एवं जनहितैषी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।
साथ ही प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर आज कई मामलों का निवारण किया गया।
समग्र रूप से प्रमंडलीय कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने, निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा परिवहन सेवाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
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