जिले के दूरस्थ ग्रामीण, गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को उनके घर के समीप ही सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज एवं जांच की सुविधा l
जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उनके घर के पास ही सरकारी अस्पतालों में इलाज एवं जांच की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें इलाज/जांच के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़े तथा उनके समय एवं पैसे की बर्बादी न हो। जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के मार्गदर्शन में जिला से लेकर सभी PHC, APHC, CHC, HWC मैं डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति से लेकर मरीजों की चिकित्सा एवं जांच की सुविधाओं की नियमित जांच की व्यवस्था की गई है ताकि स्वास्थ्य सेवा में निरंतर सुधार परिलक्षित हो तथा आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिल सके। जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई में अल्ट्रासाउंड संचालन की व्यवस्था की जांच सिविल सर्जन द्वारा कराई गई।
जांच के क्रम में अल्ट्रासाउंड सेवा के संचालन में लापरवाही सामने आई जिस पर असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएस) मुजफ्फरपुर ने संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब करते हुए सेवा को नियमित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में
सीएस ने पत्र जारी कर कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू की गई है, ताकि आम लोगों को सस्ती और सुलभ जांच सुविधा मिल सके। इसके तहत औराई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई है और इसके संचालन के लिए नामित चिकित्सक को अधिकृत किया गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और गरीब मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उन्हें निजी जांच केंद्रों पर अधिक पैसा खर्च नहीं करना पड़े। लेकिन औराई सीएचसी में निर्धारित व्यवस्था के बावजूद अल्ट्रासाउंड सेवा का नियमित संचालन नहीं हो रहा है, जो गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
सीएस ने अपने पत्र में कहा है कि अल्ट्रासाउंड सेवा का संचालन नहीं होना सरकार की योजनाओं और आम मरीजों के हित के खिलाफ है। इसलिए संबंधित चिकित्सक से पूछा गया है कि आखिर किस कारण से सेवा नियमित रूप से संचालित नहीं की जा रही है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि निर्धारित नियमों के तहत अल्ट्रासाउंड सेवा का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
सीएस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने आती है तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा है कि सरकारी अस्पतालों में सभी स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित और प्रभावी तरीके से संचालित करना प्राथमिकता है, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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