दीपक कुमार। गायघाट
मुजफ्फरपुर।गायघाट: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गायघाट की विधायक कोमल सिंह ने बागमती बांध प्रबंधन योजना के कारण प्रभावित हो रहे हजारों परिवारों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। कोमल सिंह ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान उन ग्रामीणों की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया जो इस परियोजना के कारण विस्थापन और अनिश्चितता के मुहाने पर खड़े हैं।
बाधों के बीच घिरे 122 गांव
विधायक ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि बागमती तटबंध निर्माण योजना के अंतर्गत कुल 122 गांव और विशेष रूप से गायघाट प्रखंड के 32 गांव बांध के घेरे में आ रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बिना उचित प्रबंधन और पुनर्वास के इन गांवों का अस्तित्व खतरे में है।
विधायक की मुख्य मांगें:
कोमल सिंह ने सरकार के समक्ष स्पष्ट रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं:
रिव्यू कमेटी का गठन: परियोजना की वर्तमान स्थिति और ग्रामीणों पर होने वाले असर के आकलन के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा समिति बनाई जाए।
जन-संवाद: बांध निर्माण से पहले प्रभावित ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जाए ताकि उनकी शंकाओं और समस्याओं का समाधान हो सके।
सराहनीय पुनर्वास: बांध का काम आगे बढ़ाने से पहले प्रभावित गांवों के लोगों के लिए जमीन, आवास और रोजगार को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास की मुकम्मल व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों के भविष्य पर जोर
विधायक ने कहा कि विकास की योजनाएं जनहित के लिए होती हैं, न कि जनता को उजाड़ने के लिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जब तक विस्थापित होने वाले परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की नीति स्पष्ट नहीं होती, तब तक निर्माण कार्य पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए।
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