मुजफ्फरपुर में औद्योगिक विकास को नई उड़ान: बिहार कौशल विकास मिशन के साथ जुड़ी मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से सशक्त होंगे उद्योग और युवा :- जिलाधिकारी ll

मुजफ्फरपुर में औद्योगिक विकास को नई उड़ान: बिहार कौशल विकास मिशन के साथ जुड़ी मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से सशक्त होंगे उद्योग और युवा :- जिलाधिकारी ll
 उद्योग–युवा समन्वय की प्रभावशाली पहल: मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से बढ़ेगी उत्पादकता, सुदृढ़ होगा मुजफ्फरपुर का औद्योगिक वातावरण l
 प्रशिक्षित मानव बल से तेज़ होगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से उद्योगों को नई ताकत, युवाओं को नया अवसर l
बियाडा में उद्यमियों के लिए हुआ कार्यशाला का आयोजन: मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना l
जिले में उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एक ओर उद्योग वार्ता द्वारा उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जा रहा है दूसरी ओर मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से उद्योगों को जोड़कर उन्हें मानव बल से सशक्त बनाकर उनकी उत्पादकता बढ़ाने तथा समग्र औद्योगिक विकास की गति को तेज करने का प्रयास किया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने उद्यमियों से सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ने तथा लाभ उठाने की अपील की है।

उद्योग वार्ता के उपरांत बियाडा सभागार में बिहार कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में पटना से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा उद्यमियों को मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान उद्यमियों से अपील की गई कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत योजना से जुड़कर इसका अधिकतम लाभ उठाएं, ताकि उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके और युवाओं को रोजगारमूलक अवसर प्राप्त हो।

योजना का उद्देश्य
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मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षु के रूप में जोड़कर उन्हें वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्रदान करती है। इसके माध्यम से उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव बल मिलता है, जबकि युवाओं को रोजगार की दिशा में सशक्त अवसर प्राप्त होता है।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि स्थानीय युवाओं को उद्योगों से जोड़ा जाए तो न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि जिले में औद्योगिक वातावरण भी सुदृढ़ होगा।

उद्यमियों के लिए योजना से जुड़ने की प्रक्रिया
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विशेषज्ञ टीम ने उद्यमियों को योजना से जुड़ने की चरणबद्ध प्रक्रिया समझाई।
✓पंजीकरण – इच्छुक उद्यमी को संबंधित पोर्टल https//cmpratigya.bihar.gov.in पर अपने उद्योग का पंजीकरण करना होगा।

✓मानव बल की आवश्यकता का विवरण – उद्योग को यह बताना होगा कि उसे किस प्रकार के कौशलयुक्त प्रशिक्षुओं की आवश्यकता है, कितनी संख्या में और किस अवधि के लिए।

✓चयन एवं मिलान (मैचिंग प्रक्रिया) – बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा उपलब्ध प्रशिक्षित युवाओं की सूची से उद्योग की मांग के अनुरूप चयन किया जाएगा।

✓प्रशिक्षण अवधि – चयनित प्रशिक्षु निर्धारित अवधि तक उद्योग में कार्य कर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

✓मूल्यांकन एवं प्रमाणन – प्रशिक्षण के उपरांत युवाओं का मूल्यांकन कर प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस प्रक्रिया में प्रशासन और मिशन की टीम पूर्ण सहयोग प्रदान करती है, जिससे उद्यमियों को किसी प्रकार की जटिलता का सामना न करना पड़े।

योजना के प्रमुख लाभ
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मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना से जुड़ने पर उद्यमियों को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं—

✓उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो जाता है।

✓स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्योग अपनी दीर्घकालिक मानव संसाधन आवश्यकता पूरी कर सकते हैं।

✓प्रशिक्षुओं के माध्यम से उत्पादन क्षमता और कार्यकुशलता में वृद्धि होती है।

✓उद्योगों को नए कौशल, नई तकनीक और डिजिटल दक्षता से लैस युवा कार्यबल मिलता है।

✓स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होने से सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि जब उद्योग और युवा एक साथ आगे बढ़ेंगे, तब तेज गति से समग्र विकास संभव होगा। यह योजना उद्योग और युवा—दोनों के प्रोत्साहन के लिए प्रभावशाली पहल है।

युवाओं के लिए महत्व
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इस योजना के माध्यम से युवाओं को केवल सैद्धांतिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि वास्तविक औद्योगिक वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलता है। इससे उनके आत्मविश्वास, कार्यानुभव और रोजगार क्षमता में वृद्धि होती है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें संबंधित क्षेत्र में नौकरी मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ व्यवहारिक समझ भी रखते हों। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना इस अंतर को पाटने का कार्य कर रही है। योजना से संबंधित जानकारी हेतु बिहार कौशल विकास मिशन के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 296 5656 पर संपर्क किया जा सकता है।

औद्योगिक वातावरण के निर्माण की दिशा में पहल
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 यदि जिले में उद्योगों को सुदृढ़ आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रशासनिक सहयोग और प्रशिक्षित मानव बल उपलब्ध कराया जाए, तो निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। उद्योग वार्ता के माध्यम से जहां समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के माध्यम से मानव संसाधन की आवश्यकता पूरी करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी उद्यमियों से अपील की कि वे आगे आकर योजना से जुड़ें और जिले के युवाओं को अवसर प्रदान करें। इससे एक ओर उद्योगों की उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

इस समन्वित प्रयास से जिले में सकारात्मक औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा और विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

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